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饥饿游戏

微信曝光“代玩游戏”虚假招聘骗局,实为黑灰产转移资金渠道_我的网站

神盾局特工

一 |     जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद के बहुचर्चित पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में अदालत के फैसले ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 21 मार्च 2017 को दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात में नीरज सिंह समेत चार लोगों की अंधाधुंध गोलियों से हत्या कर दी गई थी। आठ साल बाद भी जब अदालत ने कई आरोपितों को बरी कर दिए, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर नीरज सिंह की हत्या किसने की। पुलिस की जांच पर भी अब सवाल उठने लगे हैं।,शाम के वक्त नीरज सिंह अपनी फार्च्यूनर जेएच10एआर-4500 से रघुकुल स्थित आवास लौट रहे थे। सरायढेला के स्टील गेट के पास बने 15 स्पीड ब्रेकर के कारण गाड़ी धीमी हुई और तभी घात लगाए बाइक सवार हमलावरों ने गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया।,एके 47, कारबाइन और 9 एमएम पिस्टल से हुई अंधाधुंध फायरिंग में 50 से अधिक गोलियां चली। पोस्टमार्टम में नीरज सिंह के शरीर से 17 गोलियां बरामद हुईं। उनके साथ मौजूद ड्राइवर ललटू महतो, साथी अशोक यादव और बाडीगार्ड मुन्ना तिवारी की मौके पर मौत हो गई।,नीरज सिंह, यूपी के बलिया के पूर्व विधायक विक्रमा सिंह के भतीजे थे। उनके चचेरा भाई संजीव सिंह उस समय झरिया से बीजेपी विधायक थे। राजनीतिक व कारोबारी रसूख के कारण इस हत्याकांड के पीछे बड़े पैमाने पर साजिश की आशंका जताई गई थी।,हत्या की खबर फैलते ही धनबाद में तनाव फैल गया। समर्थक सड़क पर उतर आए, बाजारों में अफरा-तफरी मच गई। झरिया और सरायढेला समेत कई जगहों पर दुकानों के शटर गिरा दिए गए। सड़क जाम और पथराव की घटनाओं के बीच पुलिस को भारी संख्या में बल तैनात करना पड़ा और धारा 144 लागू करनी पड़ी।,धनबाद की गलियों में उस दिन गूंजे गोलियों के धमाके आज भी लोगों के जेहन में ताज़ा हैं। लेकिन फैसले के बाद उठ रहे सवाल इस काले अध्याय को और भी गहरा कर देते हैं। यह मामला अब सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पुलिस अनुसंधान उठे सवालों का प्रतीक बन गया है।,हमले की पेशेवर तरीके से की गई प्लानिंग ने शुरू से ही पुलिस की जांच को चुनौती दी। अपराधियों ने घटना के बाद बाइक से संकरी गलियों में भागकर पुलिस को चकमा दिया। 50 से ज्यादा खोखे और अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल ने इसे एक संगठित अपराध साबित किया।,लेकिन आठ साल बाद जब अदालत ने फैसले में कई आरोपितों को बरी कर दिया, तो सवाल यही उठ रहे हैं। क्या पुलिस ने जानबूझकर कमजोर अनुसंधान किया, या फिर राजनीतिक दबाव में सबूतों से समझौता हुआ? आखिर इतनी चर्चित हत्या में हत्यारा कौन?。     8 月 26 日消息,据微信 110,近期有不法分子在微信平台刊载所谓“代玩游戏”兼职广告,本质上是骗取用户实名认证信息,用于非法资金转移。参考通报获悉,微信以受害者小郭例子,其看到一则“代玩游戏”兼职广告,联系招聘人员后,对方表示,只需要完成实名认证,就可以开始接单赚钱。随后,对方要求小郭提供姓名、身份证号码,进行人脸识别,并绑定银行卡。小郭虽然心存疑虑,但最终还是按照要求完成了操作。

二 | 不到一个小时,对方就告诉他“任务完成”。然而小郭登录自己的支付软件查看时,竟然发现名下莫名多出了一个陌生的新账号,账户里还有几笔自己毫不知情的转账记录。还没等他弄清楚发生了什么,自己的账号突然被远程强制下线,小郭随即报警。警方调查发现,这并非普通的兼职诈骗,而是一条分工明确、组织严密的黑灰产业链。进而抓获了犯罪嫌疑人赵某,其在网络上发布“代玩手游”“高薪兼职”等虚假招聘信息,以“工作轻松、报酬可观”为诱饵,骗取求职者的姓名、身份证号码、人脸识别数据等全套实名认证信息。

三 | 随后,另一名犯罪嫌疑人负责将这些实名支付账户对接上游诈骗、赌博等违法犯罪资金,并组织人员批量操作这些账户进行“跑分”,帮助非法资金转移。微信表示,很多人以为只是做了一份“兼职”,却不知道,交出去的不只是个人信息,更可能让自己成为黑灰产业链上的“工具人”。

四 | 一旦这些账户或身份信息被用于违法犯罪活动,即使本人并未直接参与诈骗,也可能面临账户冻结、信用受损等后果,情节严重的,还可能涉嫌“帮信罪”,依法承担相应法律责任。

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Published on:03:22:35


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